वाराणसी. काशी में मोक्ष व मुक्ति के लिए सात समुंदर पार से लोग चले आते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को यहां देखने को मिला। तीन रूसी युवतियों ने मांगलिक दोष दूर करने के लिए पीपल के पेड़ से विवाह कर काशी में मोक्ष की कामना की। दरअसल, इन तीनों युवतियों का जल्द ही विवाह होने वाला है। लेकिन कुंडली में मंगल दोष के कारण विवाह में बाधा आ रही थी। इसलिए विवाह से पहले तीनों ने काशी में मांगलिक दोष का निवारण कराया। कोरोना वायरस के भय के बीच विदेशियों का भारत आकर अनोखा विवाह करने का मामला काशी में चर्चा का विषय बन चुका है।
35 रूसी सदस्यों का एक दल इन दिनों काशी में हैं। सभी हिंदू धर्म अपना चुके हैं। शनिवार को वरुणापुल के पास स्थित सात्विक होटल में रूसी युवतियों ने हिंदू धर्म के अनुसार मांगलिक दोष को दूर करने के लिए पीपल संग विवाह किया। मान्यता है कि, जिनकी कुंडली में मांगलिक दोष होता है, वह अगर पीपल के पेड़ से विवाह कर लें तो दोष दूर हो जाता है।
टूरिजम वेलफेयर एशोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि विदेशी मेहमानों को धार्मिक आयोजन के लिए कोई स्थान नहीं दे रहा था। मेरे एक परिचित ने जब मुझे इनके बारे में बताया तो मैंने सात्विक होटल में इनका पूरा अरेंजमेंट करवाया और खुद भी शामिल हुआ। रूस से आए सभी मेहमानों ने रुद्राभिषेक भी किया। ॐ नमः शिवाय का मंत्र सभी जाप करते रहे। राहुल मेहता ने बताया कि सभी यहां मौजूद रूसियों का हिन्दू धर्म में पूरी आस्था है।
टूरिस्ट गाइड शशांक चिरानिया ने बताया कि तीनों महिलाएं बिजनेसमैन हैं। इन तीनों ने हिन्दू धर्म को अपना लिया है। कुंडली और गोत्र की जानकारी भी है। ग्रह दोषों के निवारण को ही इन्होंने प्रतीक रूप में पीपल विवाह किया। कोरोना वायरस के चलते विदेशी मेहमानों को पूजन का स्थान नहीं मिल रहा था। लेकिन राहुल मेहता ने काफी मदद की, अब ये दल मेरे साथ दिल्ली में है।
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